1 min 0 आलेख हिन्दी पत्रकारिता की संघर्ष यात्रा डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 24, 2026 हिन्दी पत्रकारिता की संघर्ष-यात्रा – डाॅ. उमेश कुमार शर्मा भारत में हिन्दी पत्रकारिता का उद्भव… Read More
1 min 0 समीक्षा गजानन माधव मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ : एक समीक्षात्मक अध्ययन डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 11, 2026 गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’ सामाजिक चेतना के सशक्त कवि हैं। उन्हें मार्क्सवादी खाँचे में कैद कर… Read More
1 min 0 समीक्षा गजानन माधव मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ एक समीक्षात्मक अध्ययन डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 11, 2026 मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ : एक समीक्षा गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’ सामाजिक चेतना के सशक्त… Read More
1 min 0 आलेख हिन्दी : काम भी और नाम भी डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 14, 2025 प्रिय पाठकों! लोग अक्सर पूछते हैं कि आज दुनिया कहाँ से कहाँ चली गयी है!… Read More
1 min 0 आलेख सूरदास के भ्रमरगीत की अंतर्वस्तु डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 14, 2025 हिन्दी साहित्य में ‘भ्रमरगीत-प्रसंग’ उद्धव-गोपी संवाद से सम्बन्धित रचनाओं के लिए प्रचलित है। ऐसी काव्य… Read More
1 min 0 आलेख अस्मितामूलक विमर्श और हाशिए का समाज डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 11, 2025 बीसवीं सदी के अंतिम दो दशकों में वैश्विक फलक पर उदारीकरण, भूमंडलीकरण और बाजारवाद का… Read More
1 min 0 आलेख अस्मितामूलक विमर्श और हाशिए का समाज डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 11, 2025 अस्मितामूलक विमर्श और हाशिए का समाज बीसवीं सदी के अंतिम दो दशकों में वैश्विक फलक… Read More
1 min 0 आलेख गूगल की अंधी दौर में गुरु डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 4, 2025 ‘अप्प दीपो भव’ अर्थात् ‘अपना दीपक स्वयं बनो।’ महात्मा बुद्ध के इस सूक्ति वाक्य की… Read More
1 min 1 समीक्षा कुंवर नारायण की कविताओं में मिथकीय चेतना डॉ. उमेश कुमार शर्मा August 26, 2025 हिन्दी के नये कवियों में कुंवर नारायण का नाम अत्यन्त सम्मान से लिया जाता है।… Read More
1 min 0 समीक्षा मुक्तिबोध की कविताओं में फैंटेसी डॉ. उमेश कुमार शर्मा August 25, 2025 प्रगतिवाद और प्रयोगवाद के बीच से अपने मार्ग संधान करने वाले कवि मुक्तिबोध ने मानव-जीवन… Read More