1 min 0 आलेख कोसी डायन नहीं, ममतामयी मां है डॉ. उमेश कुमार शर्मा May 9, 2026 घर से भागा हुआ सिद्धार्थ,जब बारह वर्ष के बाद ‘सत्य’ की खोजकर भिक्षाटन के लिए… Read More
1 min 0 आलेख हिन्दी गद्य के विकास में फोर्ट विलियम काॅलेज की भूमिका डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 26, 2026 फोर्ट विलियम काॅलेज की स्थापना लार्ड बेलेजली के समय (सन् 1800 ई०) में हुई। बेलेजली… Read More
1 min 0 समीक्षा ब्रह्मराक्षस : एक सत्यशोधक की त्रासदी डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 25, 2026 ‘ब्रह्मराक्षस’ मुक्तिबोध की प्रसिद्ध कविताओं में से एक है। ‘अँधेरे में’ नामक कविता के बाद… Read More
1 min 0 आलेख हिन्दी पत्रकारिता की संघर्ष यात्रा डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 24, 2026 हिन्दी पत्रकारिता की संघर्ष-यात्रा – डाॅ. उमेश कुमार शर्मा भारत में हिन्दी पत्रकारिता का उद्भव… Read More
1 min 0 समीक्षा गजानन माधव मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ : एक समीक्षात्मक अध्ययन डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 11, 2026 गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’ सामाजिक चेतना के सशक्त कवि हैं। उन्हें मार्क्सवादी खाँचे में कैद कर… Read More
1 min 0 समीक्षा गजानन माधव मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ एक समीक्षात्मक अध्ययन डॉ. उमेश कुमार शर्मा February 11, 2026 मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ : एक समीक्षा गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’ सामाजिक चेतना के सशक्त… Read More
1 min 0 आलेख हिन्दी : काम भी और नाम भी डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 14, 2025 प्रिय पाठकों! लोग अक्सर पूछते हैं कि आज दुनिया कहाँ से कहाँ चली गयी है!… Read More
1 min 0 आलेख सूरदास के भ्रमरगीत की अंतर्वस्तु डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 14, 2025 हिन्दी साहित्य में ‘भ्रमरगीत-प्रसंग’ उद्धव-गोपी संवाद से सम्बन्धित रचनाओं के लिए प्रचलित है। ऐसी काव्य… Read More
1 min 0 आलेख अस्मितामूलक विमर्श और हाशिए का समाज डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 11, 2025 बीसवीं सदी के अंतिम दो दशकों में वैश्विक फलक पर उदारीकरण, भूमंडलीकरण और बाजारवाद का… Read More
1 min 0 आलेख अस्मितामूलक विमर्श और हाशिए का समाज डॉ. उमेश कुमार शर्मा September 11, 2025 अस्मितामूलक विमर्श और हाशिए का समाज बीसवीं सदी के अंतिम दो दशकों में वैश्विक फलक… Read More